शतावरी के फायदे और नुकसान - Shatavari Benefits and Side effects in Hindi

शतावरी के फायदे और नुकसान - Shatavari Benefits and Side effects in Hindi

शतावरी की कुछ टिप्पणिया
Brief points of Shatavari in Hindi

  • त्वचा में निखार लाने के लिए|
  • कैंसर से बचाये|
  • यौन विकारो के छुटकारा पाने के लिए|
  • दस्त के इलाज में लाभकारी|
  • वजन घटाने के लिए|
  • मधुमेह के इलाज में फायदेमंद|

 

 

 

शतावरी के बारे मे जाने
Know About Shatavari

 

शतावरी के फायदे : शतावरी (लैटिन नाम:- एस्परैगस रसमोसुस) स्त्रियो के लिए एक अनमोल जड़ी बूटी है| पुरुषो के लिए भी शतवारी बहुत लाभकारी है| इसके अलावा शतावरी भूख बढ़ता है और अल्सर को मिटाने में भी उपयोगी है| तंत्रिका समस्याओं के लिए भी शतावरी गुणकारी है| मगर ज़्यादातर शतावरी फायदा देता है महिलाओ को|

 

शतावरी के फायदे
Shatavari ke Fayde in Hindi

 

1) माँ का दूध (ब्रेस्ट मिल्क) बढ़ाने के लिए शतावरी के फायदे - Shatavari Benefits for increase Breast Milk in Hindi
  • स्तनपान कराने वाली महिलाओ के लिए शतावरी एक उत्तम आयुर्वेदिक-औषधि है, क्योंकि शतावरी दोषो का शमन करती है, और इसमें रहे रसायन से माता में बढ़ जाता है| जिससे दूध की मात्रा भी बढ़ जाती है और साथ में जन्म देते वक्त माता को जो तकलीफ़ होती है| उसका भी शमन करता है और गर्भाशय को भी साफ़ कर देता है|
  • बच्चे को जन्म देने के बाद महिलाओ को 10 ग्राम शतावरी कि गिरी, गुड या दूध में मिलाकर सेवन करना चाहिए दिन में दो बार| अगर दूध की मात्रा बढ़ाना चाहे|
  • जिन महिलाओ ने हाल ही में बच्चे को जन्म दिया है, उन्हे शतवारी मूल के चूर्ण का दूध में सेवन करना चाहिए| इससे स्तन का दूध पूर्ण प्रमाण में मिलेगा| दिन में 3 या 4 बार इसका सेवन करे|

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2) वज़न घटाने के लिए शतावरी से लाभ - Shatavari for Weight Loss in Hindi

  • शतावरी के गुण यह है कि पितृ दोष कम करता है| वात दोष कम करता है और कफ को संतुलित करता है जिससे चयापचन सुधर जाता है और खाना अच्छी तरह से हज़म होने से वजन भी नियंत्रण में रहता है|
  • शतावरी शरीर में से मूत्र त्याग करने में सहायक है| जिससे शरीर में अतिरिक्त जल बाहर निकल जाता है और हॉर्मोन्स का भी संतुलित करता है| शतावरी वजन नियंत्रण या कम करने में भी यह बहुत उपयोगी साबित होता है|
  • डेलिवरी के बाद और मासिक धर्म के दौरान शरीर में पानी का संग्रह बढ़ता है| शतवारी इसको संतुलित कर देता है और वजन कम करने में फायदा देता है|

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3) बुखार का आयुर्वेदिक इलाज है शतावरी - Shatavari Benefits for Fever in Hindi

  • शरीर में असंतुलन हो तो बुखार हो सकता है और यह किसी संक्रमण के कारण भी हो सकता है तो ऐसे में शतावरी बुखार का आयुर्वेदिक इलाज है क्योंकि यह कीटाणु नाशक है, शरीर में ठंडक देता है, और तनाव भी कम कर देता है|
  • शतावरी सूजन भी कम कर देता है और साथ में कीटाणु नाशक भी है और इस कारण यह संक्रमण से होने वाले बुखार में लाभदायी है तो ऐसे हालत में शतावरी के ताजे पत्तो का काढ़ा बना के सेवन करे|
  • पेट में गड़बड़ हो या बुखार हो तो शतावरी चूर्ण से इसका शमन होगा| याद रहे कि पेट की तकलीफ़ के लिए गिलोय का इस्तेमाल भी साथ में करे|

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4) त्वचा में चमक लाने का तरीका है शतावरी - Shatavari Benefits for Skin in Hindi

  • शतावरी में है अल्कलॉइड, टनीन, बीटा सीटोस्टेरॉल और सैपोनिन जो मिलकर शरीर में प्रवाही को संतुलित करता है और कोशिका के साथ ग्रंथियो में नमी की मात्रा को नियंत्रण में रखता है और त्वचा भी तो एक ग्रंथि है तो इस को नमी युक्त करके यह इसे हरा भरा रखता है|
  • शतावरी बढ़ती उम्र के लक्षण को भी कम करता है जिसका असर त्वचा पर दिखाई देता है और इसी कारण शतावरी 5 ग्राम अगर दूध में डालकर हर रोज सेवन करे तो लंबे समय तक त्वचा में चमक और लचीलापन बरकरार रहेगा|
  • चेहरे पर पड़ी झुर्रियों को हटाने के लिए शतावरी बहुत सहायक है| त्वचा के सौंदर्या का भी निखार होता है|

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5) माइग्रेन के उपचार में होता है शतावरी से लाभ - Shatavari for Migraine in Hindi

  • माइग्रेन शरीर में गर्मी बढ़ने से, तनाव से और दोष के कारण होता है तो ऐसे में शतावरी शरीर में ठंडक प्रदान करती है, उमस कम करता है, गैस कम करता है, तनाव कम करता है और पितृ को भी कम कर देता है जो आधासीसी के लिए ज़िम्मेदार है|
  • शतावरी को दूध में सवेरे और शाम एक चम्मच लेने से आधासीसी या माइग्रेन में काफ़ी लाभ होता है और इसके साथ गुदुची, यष्टिमधु और काली किशमिश का भी सेवन करे| 
  • अगर कोई माइग्रेन (आधासीसी) से पीड़ित हो तो उन्हे शतावरी का सहारा लेना चाहिए| शतावरी के पत्तो और मूल को पीस के रस निकाले और तेल में मिलाकर गर्म करे और इस तेल को सर पर लगाये| 

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6) कैंसर का आयुर्वेदिक इलाज है शतावरी - Shatavari for Cancer in Hindi

  • कैंसर और खासकर के महिलाओ में स्तन कैंसर का होना आम बात है| तो इससे बचने के लिए शतावरी का उपयोग फायदेमंद है क्योंकि शतावरी में है फ़यटोएस्ट्रोजन जैसे फ्लैवोनॉइड जो एस्ट्रोजन की मात्रा को नियंत्रण में रखता है और कैंसर से सुरक्षित रखता है|
  • शतावरी और ब्राहमी के रस को कैंसर के मरीज़ को दिया जाये तो यह कैंसर कि कोशिका का नाश करती है|
  • शतावरी में है असपरगामीने A, शतावरोसीडे A & B, फिलिएस्पेरोसीडे c, शतावरिंस और इसोफ्लावोन जो आपको कैंसर से सुरक्षित रखेगा| शतावरी, आंवला चूर्ण और त्रिफला का सेवन नियमित रूप से करे|

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7) शतावरी के फायदे यौन विकारों से मुक्ति पानी के लिए - Shatavari for Fertility and Other Sexual Disorders in Hindi

  • शतावरी एक ऐसी जड़ीबूटी है जो पुरुष और महिलाओ के यौन विकार जैसे की महिला में गर्भ धारण करने की समस्या और काम इच्छा की कमी और पुरुषो में लिंग उत्तेजना ना होना (और पढ़े :- लिंग की नसों मे कमज़ोरी ढीलापन का घरेलू इलाज ) यह सभी का उपाय है क्योंकि इस में है बेतसिटोस्टेरॉल, अल्कलॉइड, टनीन और सैपोनिन जो विष निवारक है और हॉर्मोन्स संतुलित करने में कारगर है|
  • यौन विकार से पीड़ित लोगो को शतावरी गिरी को दूध में मिलाकर दिन में दो बार सेवन करना लाभकारी साबित होता है|
  • शतावरी बेनिफिट्स फॉर फीमेल्स: शतावरी स्त्रियो में फर्टिलिटी (प्रजनन) की क्षमता को बढ़ता है और हॉर्मोन्स को शतावरी विनियमित करता है |जो की मासिक धर्म में होने वाले तकलीफो को कम कर देता है|
  • मासिक धर्म के पश्चात् महिलाओ के लिए शतवारी का सेवन फायदेमंद है| शतवारी से एस्ट्रोजन उत्पादन बढ़ता है और स्ट्रेस कम होता है और स्त्रियो में काम इच्छा भी बढ़ जाती है| दुबली पतली महिलाओ को शतावरी और अश्वगंधा चूर्ण को दूध में मिलाकर नियमित दिया जाये तो वो भी हरी भरी हो जाएँगी|

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8) अनिद्रा का इलाज है शतावरी - Shatavari for Sleep in Hindi

  • अनिद्रा से पीड़ित लोगो के लिए शतावरी को दूध मे डालकर पीने की सलाह दी जाती है| ताकि अनिद्रा की समस्या से आपको छुटकारा मिल सखे| शतावरी में रहे टनीन, बेतसिटोस्टेरॉल और अन्य रसायन के कारण दिमाग़ में तनाव कम हो जाता है जिससे नींद अच्छी आती है|
  • रात को सोने के एक घंटे पहले एक गिलास गर्म दूध में शतावरी उबालकर सेवन करे तो अनिद्रा की समस्या दूर हो जाएगी|
  • अनिद्रा से पीड़ित लोगो के लिए शतावरी को दूध मे डालकर पीने की सलाह दी जाती है| इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए|

9) दस्त रोकने का घरेलू उपचार है शतावरी - Shatavari Medicinal Uses for Loose Motion in Hindi

  • शतावरी में ऐसे शतावरीन औषधीय तत्व है| जो मल का बंधारण करते है, मल की गति को धीमा कर देती है और आँतो का शमन भी करती है तो ऐसे में दस्त में शतावरी के सेवन से दस्त प्राकृतिक तरीके से बंद हो जाता है|
  • दस्त हो जाये तो शतावरी को पानी में उबालकर इसका काढ़ा बनाकर दिन में तीन बार सेवन करे या तो केले के साथ इसका चूर्ण खाये|
  • अगर दस्त में खून गिरता है तो यह एक गंभीर संकेत है| अगर मामूली कारण है तो शतावरी का रस गाय के घी में मिलाकर इसका सेवन करे तो खूनी दस्त बंद हो जायेंगे|

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10) डायबिटीज के उपचार में होता है शतावरी से लाभ - Shatavari for Diabetes in Hindi

  • मधुमेह में शतावरी के सेवन से फायदा होता है क्योंकि यह ग्लूकोस की मात्रा को नियंत्रण में रखता है, आँत में कार्बोहाइड्रेट के शोषण को धीमा कर देता है और पैंक्रियास ग्रंथि में इंसुलिन का उत्पादन बढ़ा देता है|
  • मधुमेह में शतावरी उत्तम है क्योंकि इससे विष निकल जाता है, पाचन सुधार जाता है और तनाव भी कम हो जाता है|
  • जो मधुमेह से पीड़ित है वो अगर शतावरी का सेवन करे तो ब्लड शुगर कंट्रोल में रहेगी|

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11) गर्भावस्था में शतावरी के लाभ - Shatavari for Pregnancy in Hindi

  • जिन महिलाओ को गर्भ धारण करना मुश्किल होता है| वो अगर शतावरी का सेवन शुरू करे तो बहुत फायदा होता है|
  • शतावरी में है फ्लैवोनॉइड जो एस्ट्रोजन और अन्य हॉर्मोन को संतुलित कर देता है| जिससे महावरी नियमित हो जाती है और गर्भ धारण करना भी आसान हो जाता है|
  • शतावरी का एक फायदा यह है कि इसका नियमित सेवन करने से वात और पितृदोष का शमन होता है| इससे शरीर में कफ की समस्या दूर होती है और शरीर में ठंडक बढ़ती है| स्त्रियो को गर्भ धारण करना हो तो शतावरी दोष का शमन करने में बहुपयोगी है|

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शतावरी का सेवन करने का तरीका
How to use Ashwagandha in Hindi

 

आयुर्वेद में शतावरी के गुण का उपयोग होता है, और शतवारी को शीतल, मधुर और रसायन गुणवाला माना जाता है| इंडियन शतावरी यूरोपीय शतावरी से अलग है| स्त्री हो या पुरुष, दोनो को शतावरी के लिए शतावरी उपयोगी होती है| शतावरी का उपयोग करे अपने स्वास्थ्य को बढ़ाने के लिए|

 

शतावरी के नुकसान

Shatavari ke Nuksan in Hindi

 

  1. महिलाये अगर शतावरी ज़्यादा ले तो स्तनों में सूजन और दर्द हो सकता है|
  2. जो गुर्दे और दिल के मरीज़ है| उन्हे शतावरी नहीं लेना चाहिए क्योंकि यह घातक हो सकता है|
  3. शतावरी मूत्रल है तो अगर आप मूत्रमार्ग की दवाई लेते हो तो साथ में शतावरी ना ले|
  4. मधुमेह के मरीज़ अगर दवाई लेते हो, तो शटवरी ना ले| क्योंकि इससे ब्लड शुगर कम हो जाएगा|
  5. कई लोगो को शतावरी के उपयोग से पेट में दर्द और गैस बढ़ जाती है| (और पढ़े :- पेट दर्द का घरेलू इलाज)
  6. शतावरी के उपयोग से बेचैनी, चक्कर आना और थकान बढ़ सकती है|
  7. जिन महिलाओ में एस्ट्रोजन आधारित तकलीफ़ है जैसे की स्तानो मे गाँठे तो वो शतावरी संभाल के ले या तो ना ले|
  8. शतावरी कई बार वजन अधिक बढ़ा देती है|
  9. गर्भवती महिलाओ को शतावरी नहीं लेना चाहिए क्योंकि इससे भ्रूण में विकार हो जाता है और होने वाले बच्चे में कई ख़ामिया हो सकती है|
  10. जिन्हे ऐस्पैरागस या इसमें रहे रसायन से एलर्जी है और जो सवेदनशील है| उन्हे शतावरी का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि उन्हें एलर्जी हो सकती है|

शतावरी स्त्रियो के लिए हितेचुक है| बनाए आप इसको अपना लाइफ-लोंग फ्रेंड| शतावरी बेनिफिट्स में इस के कई फायदे बताये गए है जो आपको ज़रूर प्रेरित किये होंगे|

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