स्वाइन फ्लू से बचने के लिये घरेलू उपचार - Home Remedies for Swine Flu in Hindi

स्वाइन फ्लू से बचने के लिये घरेलू उपचार - Home Remedies for Swine Flu in Hindi

स्वाइन फ्लू से बचने के घरेलू उपाय नुस्खे तरीके इलाज (Home Remedies for Swine Flu in Hindi, swine flu se bachne ke gharelu upay nuskhe tarike upay ilaj): स्वाइन फ़्लू याने H1N1 वाइरस से होने वाली बीमारी आज कल बहुत तेज़ी से फैल रही है| लापरवाही रखे स्वाइन फ़्लू के इलाज में तो मौत हो सकती है| घबराने की ज़रूरत नहीं है| स्वाइन फ्लू के लक्षण ( Symptoms of swine flu in hindi) जाने और यह प्रकट होते ही आप सजग हो के स्वाइन फ्लू का इलाज (treatment of swine flu in hindi) घर पर शुरू कर दे तो इस वाइरस का शमन होगा| नेचुरल वेज़ टू ट्रीट स्वाइन फ़्लू ऐट होम (natural ways to treat swine flu at home in hindi) अपनाना बहुत आसान है| आयुर्वेद मे स्वाइन फ़्लू को कफ का ज्वर कहते है क्योंकि यह वात और कफ विकार होने से जल्दी से लग जाता है| स्वाइन फ्लू के लक्षण क्या है? (swine flu indications in hindi) है की पहले बुखार तेज़ी से 100 डिग्री फारेनहाइट (deg. F) से ज़्यादा हो जाता है और फिर साँस लेने मे तकलीफ़ होती है, भूख मिट जाती है, गले में जलन होने लगती है, उल्टी होती है और शरीर मे दर्द के साथ दस्त भी हो सकते है| क्या स्वाइन फ्लू फैलता है एक दूसरे को छूने से, हवा से और पानी से (Swine flu does spread from person to person) जानिए स्वाइन फ़्लू क्या है, स्वाइन फ्लू से बचने के लिए क्या करे?, स्वाइन फ्लू कैसे होता है, स्वाइन फ्लू से बचाव, स्वाइन फ्लू के आयुर्वेदिक उपचार व उपचार, स्वाइन फ्लू से बचने के घरेलू उपाय (how to cure swine flu at home in hindi), अगर यह स्वाइन फ्लू के लक्षण प्रकट हो जाए तो क्या करे|

तुलसी से स्वाइन फ्लू का इलाज – Basil for swine flu treatment at home in hindi

  • स्वाइन फ्लू का आयुर्वेदिक इलाज (swine flu treatment in ayurveda in hindi) बिल्कुल सरल है बस तुलसी के पत्तो का काढ़ा बनाए और दिन मे हर दो घंटे में गरम करके सेवन करते रहे| 
  • स्वाइन फ़्लू के लक्षण (सिम्प्टॅमस ऑफ स्वाइन फ़्लू) दिखाई दे तो स्वाइन फ्लू से बचने के घरेलू नुस्खे (natural ways to treat swine flu at home), तुलसी के सहारे करे पानी मे तुलसी, अदरक, काली मिर्च और नींबू डाल के उबाले, छान ले और शहद मिला के दिन मे 5 बार सेवन करे और कुछ नहीं तो दिन मे 4-5 बार तुलसी के 4-5 पत्ते को चबाते रहे क्योंकि तुलसी उच्च कोटि की एंटी-वायरल है और बुखार के साथ कफ निकाल देगी| 

गिलोय से स्वाइन फ्लू से बचने के घरेलू उपाय करे  – Giloy for swine flu treatment in ayurveda in hindi

  • स्वाइन फ्लू के लक्षण (Swine flu indications नज़र आए तो गिलोय का उपयोग शुरू करे| गिलोय की गोली मिलती है जो 2 गोली दिन मे तीन बार खाए| 
  • बच्चों में स्वाइन फ्लू के लक्षण (Swine flu symptoms in child) हो या  ५ साल के बच्चों में स्वाइन फ्लू के लक्षण (flu symptoms in 5 year old) हो तो भी गिलोय हानिकारक नहीं है और यह गोली आप उन्हे दे सकते है अकेले या तो तुलसी के रस के साथ| 
  • गिलोय की ताजी पत्ते मिले तो और गुणकारी है और इस का काढ़ा बनाए और फिर इस मे काली मिर्च, चीनी और काला नमक मिलाए और दिन मे 3 बार सेवन करे|

​सम्बंधित जानकारी 

कपूर और इलाइची से  करे स्वाइन फ्लू से बचाव  – Kapoor and elaichi for swine flu prevention home remedies in hindi

  • स्वाइन फ़्लू ना हो इस का ध्यान रखना माता पिता का फ़र्ज़ है और स्कूल में स्वाइन फ्लू का इलाज (swine flu prevention in school in hindi) बहुत मुश्किल है इसीलिए अपने बच्चे को केले मे एक चुटकी कपूर और एक पीसी हुई इलाइची मिला के खिलाए तो इस प्रयोग से रक्षण मिलता है| 
  • चाहे तो एक-दो चुटकी कपूर को पानी मे मिला के पीए तो सिम्प्टॅमस ऑफ स्वाइन फ़्लू का शमन होता है| 
  • इलाइची के साथ कपूर मिला के साथ मे कूटे, एक पोटली मे बांधे, अपने पास रखे और हर एक घंटे में इसको सूंघते रहे और ऐसी पोटलिया बना के घर मे जगह जगह पर रखे स्वाइन फ़्लू से रक्षण के लिए| 

लहसुन, काली मिर्च और अदरक से  करे स्वाइन फ्लू से बचने के घरेलू नुस्खे - Garlic, pepper and ginger for swine flu treatment at home in hindi

  • घरेलू देसी स्वाइन फ़्लू का इलाज है की लहसुन की दो कली सवेरे उठ के चबाये तो इस के एंटी-वायरल गुण से आपको रक्षण मिलेगा और स्वाइन फ़्लू हो गया है तो स्वाइन फ़्लू ट्रीटमेंट इन आयुर्वेद लहसुन से करे| 
  • लहसूम को दूध में डाले कुचल के और अदरक भी कुचल के डाले और उबाले और ठंडा होने पर काली मिर्च पाउडर 1/4 चम्मच डाल के ट्रीटमेंट ऑफ स्वाइन फ़्लू मे उपयोग करे| 
  • हर रोज खाने के साथ चटनी बनाए लहसुन, अदरक और हरी मिर्च पीस के और इस मे जीरा और काली मिर्च मिलाए तो भी स्वाइन फ़्लू के इलाज मे यह जल्दी से असर दिखाई देता है| 

हल्दी-दूध से स्वाइन फ्लू से बचने का इलाज करे – Milk and turmeric for swine flu remedies in hindi

  • क्योंकि स्वाइन फ़्लू के मरीज़ की  भूख मिट जाती है तो उसको हर तीन घंटे में एक कप गरम दूध पिलाए जिस मे आधा चम्मच हल्दी डली हो तो जल्दी से रिकवरी हो जाती है| 
  • हल्दी-दूध स्वाइन फ्लू के आयुर्वेदिक उपचार में (swine flu treatment in ayurveda) उत्तम माना गया है क्योंकि यह हल्दी कफ शामक है और वाइरस को भी कमजोर कर देती है| 
  • हल्दी-दूध के मिश्रण मे यष्टिमधु और काली मिर्च मिलाए तो गले मे खराश कम होगी, कफ बाहर निकल आएगा और तेज़ी से रिकवरी होता है| 

स्वछता से स्वाइन फ्लू से बचाव करे  - Hygiene helps in swine flu prevention in hindi

  • क्योंकि स्वाइन फ़्लू का वाइरस हवा मे, पानी से और संक्रमित चीज़ो को छूने से फैलता है तो स्वछता बहुत ज़रूरी है खास कर के स्वाइन फ़्लू प्रेवेन्षन इन स्कूल्स जहाँ एक संक्रमित बच्चा पूरी क्लास को संक्रमित कर सकता है| 
  • हमेशा चेहरे पर मास्क पहने रखे अगर भीड़ मे हो जैसे की स्कूल, बस या ट्रेन या बाज़ार में| 
  • हाथ पर दस्ताने पहन के रखे और अपने हाथ साबुन और डिसइंफेक्टेंट(disinfectant)से धोए घर पर आए तब| 
  • दूसरे संक्रमित व्यक्ति की किसी भी चीज़ को ना छुए ना तो उसकी चीज़ो का इस्तेमाल करे| 

विटामिन C, D, आमला और त्रिफला से करे स्वाइन फ्लू के आयुर्वेदिक उपचार - Vitamin C & D, Amla and Triphala ayurvedic medicine for swine flu in hindi

  • स्वाइन फ़्लू से बचने के लिए पोष्टिक आहार ले और खास तो विटामिन C और D पूरते प्रमाण मे मिले इस का खास ध्यान रखे और H1N1 इन टॉड्लर्स ना हो इस के लिए आहार का सहारा ले| 
  • विटामिन D फॉर स्वाइन फ़्लू प्रेवेन्षन मे आप धूप मे एक घंटा बिताए तो शरीर मे खुद उत्पन्न होगा और साथ मे गोली भी ले| 
  • ताज़ा आमला या तो आमले का चूर्ण और साथ मे त्रिफला ले तो इसमे से विटामिन C मिल जाता है और साथ मे शरीर की रोग प्रतिकारक शक्ति बढ़ जाती है|

स्वाइन फ्लू से बचने के लिए घरेलू नुस्खे में प्राणायाम करे - Pranayam raises immunity against swine flu in hindi

  • नियमित रूप से 10 मिनिट तक कपालभाति करे, अनुलोम विलोम और प्राणायाम तो शरीर मे से विष निकल के हर एक कोशिका को ऑक्सीजन पहुंचने से शरीर की रोग प्रतिकारक क्षमता बढ़ जाती है| 
  • प्राणायाम सवेरे उठ के करे और खास तो स्वाइन फ़्लू इंडीकेटर्स (indicators)आप पहचान ले और होने की संभावना लगे तो अवश्य करे| 
  • प्राणायाम सरल है और बच्चे से लेके बूढ़े सभी कर सकते है तो यह उत्तम नेचुरल वे टू ट्रीट स्वाइन फ़्लू ऐट होम अवश्य अपनाए| 

अन्य स्वाइन फ्लू के आयुर्वेदिक उपचार व इलाज - Swine flu treatment in ayurveda in hindi

  • H1N1 टोडलेर्स (H1N1 toddlers) मे हो तो पपीते के पत्तो का रस (यह ना मिले तो कच्चे पपीते को छिलके सहित कुचल के रस निकाले), अडूसा(Ardusi) का रस और तुलसी का रस शहद के साथ मिला के दे तो शीघ्र ही आराम मिलेगा| यही उपाय स्वाइन फ़्लू सिम्प्टॅमस इन बेबीस दिखाई तो भी कर सकते है मगर मात्रा कम कर दे| 
  • दूसरा आयुर्वेदिक इलाज स्वाइन फ़्लू के लिए है त्रिभुवन कीर्ति रस, भूमि आमला या संजवीनी वटी की गोली| 
  • एक और आयुर्वेदिक उपाय स्वाइन फ़्लू के लिए है अग्निकुमार रस की गोली| 

नींम से स्वाइन फ़्लू का इलाज – Neem for natural remedies for swine flu in hindi

  • नींम मे है तेज तत्त्व जो एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल है और सिम्प्टॅमस ऑफ स्वाइन फ़्लू से बचने के लिए हर दूसरे दिन 4-5 नींम के ताजे पत्ते चबाये| 
  • नींम के पेड़ का छिलका और पत्तियो का काढ़ा बनाए और इस मे काली मिर्च, अदरक और नींबू भी डाल के उबाले और छान के हर रोज 2-4 चम्मच पी  ले तो स्वाइन फ़्लू से रक्षण मिलता है| 
  • स्वाइन फ़्लू ट्रीटमेंट इन आयुर्वेद मे नींम का उपयोग करे हल्दी के साथ तो बहुत जल्दी रिकवरी हो जाती है| 

एलो वेरा से करे स्वाइन फ्लू से बचने के घरेलू उपाय – Aloe vera to treat swine flu symptoms in hindi

  • स्वाइन फ़्लू सिम्प्टॅमस इन बेबीस ना उत्पन्न हो इसके लिए उन के शरीर पर एलो वेरा जेल की हल्की सी मालिश करे नारियल तेल के साथ| 
  • खुद को भी स्वाइन फ़्लू सिम्प्टॅमस हो जाए और ट्रीटमेंट ऑफ स्वाइन फ़्लू मे हर रोज एक दो चम्मच एलो वेरा जेल का उपयोग करे| 
  • एलो वेरा जेल को त्वचा पर लगाने से स्वाइन फ़्लू के वाइरस फैल नहीं सकेंगे और आप सुरक्षित रहेंगे| 

दालचीनी से करे स्वाइन फ्लू से बचने के घरेलू नुस्खे - Cinnamon powder cure for swine flu in hindi

  • सिम्प्टॅमस ऑफ स्वाइन फ़्लू से बचके रहने के लिए दालचीनी पाउडर को शहद और काली मिर्च पाउडर के साथ मिला के गोली बनाए और छोटी गोली दिन मे दो बार सेवन करे| 
  • ट्रीटमेंट ऑफ स्वाइन फ़्लू में दालचीनी के टुकड़े और ग्रीन टी पानी मे अच्छी तरह उबाले और अदरक का रस, काली मिर्च और शहद मिला के गरमा गरम काढ़ा पी ले तो आराम मिलता है| 
  • मुँह मे एक दालचीनी का टुकड़ा रखे और रस चूसते रहे तो स्वाइन फ़्लू सिम्प्टॅमस से रक्षण मिलता है| 

लेमन टी से  करे स्वाइन फ्लू से बचने का इलाज – lemon tea for home remedies for swine flu in hindi

  • हाउ टू क्योर स्वाइन फ़्लू ऐट होम सरल तरीके से करे लेमन टी के ज़रिए जिसमे नींबू को काटे और कुचले और छिलके सहित पानी मे डाल के उबाले और साथ मे थोड़ी दालचीनी, 2-3 काली मिर्च, 1/4 चम्मच ग्रीन टी और लेमन ग्रास डाले| छान के शहद के साथ पिए| 
  • नींबू के छिलके मे तेज तेल है जो एंटीवायरल है तो ट्रीटमेंट ऑफ स्वाइन फ़्लू में नींबू को गरम पानी मे निचोड़े - छिलके के साथ डुबो के निचोड़े, और फिर पानी मे अदरक का रस और तुलसी का रस डाल के शहद मिला के सेवन करे| 
  • नींबू का रस एक चम्मच ग्रीन टी मे मिला के पीते रहे तो भी स्वाइन फ़्लू सिम्प्टॅमस मे राहत मिलती है और रिकवरी आ जाती है| 

ब्लैक एल्डरबेर्री से करे स्वाइन फ़्लू से बचने के उपाय - Black elderberry for swine flu treatment at home in hindi

  • ब्लैक एल्डरबेर्री (Black elderberry)इंडिया मे पाना मुश्किल है क्योंकि यह विदेशी जड़ीबूटी है मगर फिर भी अगर किसी तरह से मिले तो इसका काढ़ा स्वाइन फ़्लू के विरुद् शक्तिशाली असर करता है| 
  • जहाँ फ़्लू शॉट काम नहीं करता है और फ़्लू शॉट साइड एफेक्ट मे रोग का प्रसारण आसान हो जाता है वहाँ एल्डरबेर्री का काढ़ा या तो इसकी वाइन जो तैयार मिलती है वो बहुत असरकारक है| 
  • एल्डरबेर्री मे है एंटी वायरस प्रोटीन जो वाइरस को कोषो के अंदर प्रवेश करने से रोकता है इसीलिए यह उत्तम स्वाइन फ़्लू का घरेलू इलाज है| 
  • टैमीफ्लू अक्सर डॉक्टर्स प्रिस्क्राइब करते है मगर इससे कमज़ोरी आ जाती है जहाँ नेचुरल वेज़ टू ट्रीट स्वाइन फ़्लू ऐट होम से कोई नुकसान नहीं है| 

नस्य से करे स्वाइन फ़्लू के घरेलू इलाज - Nasal wash cleanse for swine flu in hindi

  • नाक में भी स्वाइन फ़्लू के वाइरस रहते है और यहाँ से शरीर मे प्रवेश करते है तो बाहर से घूम के आए तो पानी मे नमक मिला के नस्य करे| 
  • टी ट्री आयिल, सरसों का तेल दोनो को मिलाके नाक मे दो बूँद डाले स्वाइन फ़्लू से सुरक्षित रहने के लिए|
  • स्वाइन फ़्लू सिम्प्टॅमस तेज हो जाए और साँस लेने मे तकलीफ़ हो तो पानी उबाले और इस उबलते पानी मे युकलिप्टुस के पत्ते, कपूर, चाय पत्ती, लोंग, दालचीनी और अदरक डाले और भाप को नाक के ज़रिए अंदर खींचे तो कफ निकल जाता है| 

योगा से स्वाइन फ़्लू का इलाज – Yoga excercises for gharelu upay for swine flu

  • स्वाइन फ़्लू के घरेलू उपचार के साथ योगा करना उचित है क्योंकि इससे शरीर खुद अपने आप स्वाइन फ़्लू से लड़ने मे सक्षम बन जाता है| 
  • स्वाइन फ़्लू से बचाव के लिए अधोमुख श्वान आसन, भुजंगासन, मत्स्यासन, पवनमुक्तासन मे से जो आसान अनुकूल आए वही प्रयोग करे सवेरे कम से कम 10 मिनिट के लिए
  • स्वाइन फ़्लू मे योग उपचार करते हो तो अवश्य इस के पश्चात प्राणायाम करे| 

प्राकृतिक तरीके से घर पर स्वाइन फ़्लू का देसी इलाज करे – Natural treatment remedies for swine flu prevention naturally in hindi

  • सिम्प्टॅमस ऑफ स्वाइन फ़्लू इन हिन्दी मे खाँसी, बुखार, भूख ना लगना और दर्द होता है तो तुरंत स्वाइन फ़्लू ट्रीटमेंट घरेलू उपचार से करे| यह घरेलू स्वाइन फ़्लू उपचार स्वाइन फ़्लू सिम्प्टॅमस इन बेबीस हो या H1N1 इन टॉड्लर्स हो या फ़्लू सिम्प्टॅमस इन 5 ईयर ओल्ड, सभी के लिए अनुकूल है| 
  • शहद, नींबू का रस, दालचीनी, काली मिर्च, लहसुन और प्याज का उपयोग करे अंदरूनी और बाहर से तो खूब फायदा होता है| 
  • बुखार आए तो ठंडे पानी की पट्टी लगाए तापमान कम करने के लिए और मरीज़ का शरीर ढक के रखे और खुद की नाक पर पट्टी बांधे और दस्ताने पहने| 
  • गरम पानी मे नमक डाल के गरारे करे और अदरक वाली चाय पीते रहे| 
  • खाने मे हरी मिर्च, लहसुन और प्याज का खूब उपयोग करे| 

अन्य सुझाव स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए - Precaution for swine flu tips in hindi

  • भीड़ मे ना जाए और जाना है तो हाथ पर दस्ताने, मुँह पर मास्क लगाए| 
  • हाथ को हमेशा धोते रहे| 
  • घर मे हवा और उजाला हो ऐसे खुल्ला रखे और जगह जगह पर नींबू काट के रखे और तुलसी के पत्ते रखे ताकि हवा शुध रहे| 

स्वाइन फ़्लू से जुड़ी मिथक और सच्चाई -  Swine Flu Myths and Facts in Hindi

  • स्वाइन फ़्लू के मिथक याने मित्स एसोसिएटेड विथ स्वाइन फ़्लू को ध्यान मे रखे जैसे की बुखार आए तो यह स्वाइन फ़्लू ही है|
  • इसके लक्षण अन्य फ़्लू जैसे है इसीलिए नज़र अंदाज़ कर दे जो बिल्कुल ख़तरे से भरी बात है|
  • बिल्कुल स्वस्थ इंसान को स्वाइन फ़्लू नहीं होता जो भी ग़लत है| 
  • पोष्टिक आहार खाने से स्वाइन फ़्लू नहीं होगा कभी भी जो की ग़लत है|
  • अगर एक बार स्वाइन फ़्लू हो जाए तो दोबारा नहीं होगा जो भी ग़लत बात है| 
यह है स्वाइन फ़्लू के बारे मे जानकारी की कैसे घरेलू उपचार से इस रोग से बच के रहे और स्वाइन फ़्लू सिम्प्टॅमस  प्रकट हो तो इलाज कैसे घरेलू सामग्री से करे|
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5 Comments

सिराज, Oct 21, 2017

ऑफिस, कामकाज के स्थान और भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से परहेज करें. यदि जरुरी हो तो स्वाइन फ़्लू वायरस से बचने हेतु मास्क पहने रखें|

दृष्टि कथूरिया, Oct 25, 2017

स्वाइन फ्लू में 100 डिग्री से ज्यादा का बुखार आना आम बात है साथ ही सांस लेने में तकलीफ नाक से पानी बहना भूख न लगना गले में जलन और दर्द सिरदर्द जोड़ों में सूजन उल्टी और डायरिया भी हो सकता है|

तृष्णा , Oct 30, 2017

यह भी बहुत जरूरी है।यदि आप नियमित व्यायाम करते हैं तो शरीर में रक्त संचार बढ़ जाता है जिससे कि शरीर में स्वाइन फ्लू से लड़ने वाली कोशिकाएं फैलती है नियमित व्यायाम से एंडोर्फीन निकलता है जिससे कि रक्त कोशिकाओं के निर्वहन के लिए लसिक तंत्र उत्तेजित होता है।

मीनाक्षी , Nov 03, 2017

स्वाइन फ्लू के उपचार में आंटिबयाटिक्स काम नहीं करतीं क्योंकि यह बीमारी वायरस के कारण होती है बैक्टीरिया के नहीं हालांकि दर्द बुखार वगैरह के लिए आप ओवर थे काउंटर मेडिसिन्स ले सकते हैं|

ध्रुव चड्डा, Nov 06, 2017

वैक्सीनेशन के बाद आंटिबॉडीस डेवेलप होने में लगभग 2 हफ्ते का समय लगता है, इसलिए २ हफ्ते तक आप पर भी उतना ही खतरा है जितना किसी और पर. और २ हफ्ते बाद भी आपको बाकी लोगों की तरह ही प्रिकॉशन्स लेने चाहिए, प्रेवेन्षन इस ऑल्वेज़ बेटर तन क्यूर|