स्वाइन फ्लू का गर्भावस्था पर प्रभाव - Swine Flu and Pregnancy in Hindi

स्वाइन फ्लू का गर्भावस्था पर प्रभाव - Swine Flu and Pregnancy in Hindi

स्वाइन फ्लू का गर्भावस्था पर प्रभाव (Causes and effects of swine flu during pregnancy in hindi, swine flu and pregnancy in hindi): महिला के लिए गर्भवती होना एक खुशी की बात है| गर्भावस्था के दौरान बहुत ध्यान रखना पड़ता है होने वाली माता के स्वास्थ्य का और इसी पर निर्भर है होने वाले बच्चे का स्वास्थ्य| ऐसे नाज़ुक हालात जब इम्युनिटी कम हो जाए तब गर्भवती महिला को पूरी सुरक्षित रखना चाहिए की कोई भी गंभीर बीमारी ना लगे जैसे की स्वाइन फ़्लू| ऐसे स्वाइन फ़्लू इतना ख़तरनाक नहीं है मगर जब गर्भावस्था में स्वाइन फ़्लू हो जाये तो माता को और होने वाले बच्चे को बहुत गंभीर असर हो सकते है| जानिए गर्भावस्था और स्वाइन फ़्लू के बारे में (swine flu in pregnancy in hindi) और सजग हो जाए| 

गर्भावस्था में स्वाइन फ़्लू के कारण – Causes of swine flu disease in pregnancy in hindi

  • H1N1 वाइल प्रेग्नेंट होने के ज़्यादा संभावना है क्योंकि गर्भावस्था में इम्युनिटी कम हो जाती है| 
  • किसी भी संक्रमित व्यक्ति के करीब आए या तो उसकी चीज़ो को छुए तो H1N1 वाइरस शरीर मे दाखिल आसानी से हो जाता है गर्भावस्था के दौरान| 
  • गर्भवती महिला मे जब भ्रूण का विकास होता है तो फेफड़ो पर दबाव बढ़ जाता है और स्वाइन फ़्लू आसानी से हो सकता है| 
  • H1N1 प्रेगनेंसी फर्स्ट ट्रिमस्टर trimester में हो जाए तो समस्या और कॉम्प्लीकेशन्स (complications) बढ़ने से गर्भवती महिला की मौत हो सकती है| 

गर्भवस्था में स्वाइन फ़्लू के असर – Effects of swine flu in pregnancy in hindi

  • स्वाइन फ़्लू इन प्रेगनेंसी सिम्पटम्स अन्य स्वाइन फ़्लू लक्षण के समान है जैसे की छींक आना, नाक मे से पानी बहना, शरीर मे दर्द, बुखार और सर में दर्द| 
  • H1N1 प्रेगनेंसी फर्स्ट ट्रिमस्टर बहुत जागृत रहने का समय है क्योंकि कॉम्प्लीकेशन्स इस समय बहुत बढ़ सकते है और मौत हो सकती है| 
  • H1N1 वाइल प्रेग्नेंट होने पर ऐसा भी देखा गया है की कई महिलाओ का गर्भपात हो जाता है| 
  • स्वाइन फ़्लू के अन्य असर मे जन्म लेने वाली बच्चे का वजन कम हो सकता है और प्रिमेच्यूर (premature)डिलीवरी हो सकती है| 
  • तेज बुखार हो जाए स्वाइन फ़्लू से तो बच्चे मे न्यूरल ट्यूब (neural tube)और स्पाइना बिफिडा (spina bifida) एक तरह का जन्मदोष है जिसमें रीढ़ की हड्डी या मेरु रज्जु में एक दरार युक्त घेरा बना होता है, जैसे खामी उत्पन्न हो सकती है| 
  • कभी कभी मृत बच्चे का जन्म होता है स्वाइन फ़्लू के कारण|

गर्भावस्था में स्वाइन फ़्लू से कैसे बचे – How to prevent swine flu during pregnancy in hindi

  • स्वाइन फ़्लू इन प्रेगनेंसी गाइड्लाइन्स में गर्भवती होने पर महिला को H1N1 से बचाव के लिए H1N1 टीके ज़रूर लगवा ले बिना विलंब किए| 
  • अगर स्वाइन फ़्लू की महामारी चलती है तो अपने चेहरे को ढँक के रखे या मास्क पहेने रहे हमेशा, खास कर के जब बाहर जाए| 
  • हाथो पर दस्ताने पहने और हाथ डिसइंफेक्टेंट (disinfectant)से धोए और अपने आँख, मुँह और नाक को हाथो से ना छुए| 
  • किसी भी संक्रमित व्यक्ति और उसकी चीज़ो से दूर रहे| 

स्वाइन फ़्लू संबंधित मार्गदर्शन गर्भवती के लिए - Advice on swine flu for pregnant women in hindi

  • आम तौर पर H1N1 वाइल प्रेग्नेंट बहुत डरने की बात नहीं है, ज़्यादातर गर्भवती महिला जल्दी से ठीक हो जाती है| 
  • हमेशा सावधानी रखे गर्भवती होने पर और खास स्वाइन फ़्लू की महामारी चलती हो तो अवश्य H1N1 स्वाइन फ़्लू टीका लगवा ले क्योंकि रक्षण बेहतर है और बीमारी के लिए कोई दवाई नहीं है| 
  • स्वाइन फ़्लू वैक्सीन इन प्रेगनेंसी साइड इफेक्ट्स तो होंगे मगर यह दो या तीन दीनो मे मिट जाते है| 
  • बाहर जाने का टाले और खास कर के मूवी थियेटर मे, माल मे, बसों मे मुसाफ़िरी और बाज़ारो मे जाने का टाले गर्भवस्था दौरान, यह है स्वाइन फ़्लू इन प्रेगनेंसी गाइड्लाइन्स| 

स्वाइन फ़्लू टीके का ख़तरा गर्भवस्था में - Risks of swine flu vaccine during pregnancy in hindi

  • उचित तो यह है की गर्भवस्था हो नहीं इसके पहले ही H1N1 स्वाइन फ़्लू का टीका लगवा ले क्योंकि इनको असरकारक होने में तीन हफ्ते लग जाते है और स्वाइन फ़्लू की बीमारी लग जाए तो यह टीके कोई काम नहीं करते है| ऐसे मे टैमीफ्लू जैसी दवाई का सहारा लेना पड़ता है और देखभाल| 
  • फिर भी गर्भावस्था हो जाए तब भी टीका लगवा ले और स्वाइन फ़्लू वैक्सीन इन प्रेगनेंसी साइड एफेक्ट्स से थोड़ी बहुत परेशनी होंगी मगर 2-3 दीनो तक| 
  • यह जान कर खुश होंगे की स्वाइन फ़्लू वैक्सीन का कोई गहरा दुष्प्रभाव नहीं है| टीका लगाए तो 2-3 दीनो तक टीके लगाए हुए जगह पर लालाश और सूजन रहती है और कभी कभी हल्के लक्षण जैसे की तापमान बढ़ना, बेचैनी रहना, थकान महसूस होना और सर में दर्द| 
  • फिर भी स्वाइन फ़्लू के टीके लगवाए गर्भावस्था के दौरान तो बहुत ध्यान दे क्योंकि गंभीर लक्षण जैसे की साँस लेने मे तकलीफ़ हो सकती है जिसके लिए तुरंत हॉस्पिटल ले जाए| 

गर्भावस्था में स्वाइन फ़्लू से बचने के सुझाव - Tips for preventing swine flu during pregnancy in hindi

  • अगर गर्भ धारण करने की योजना बनायीं है तो तभी स्वाइन फ़्लू से बचने के उपाय मे स्वाइन फ़्लू के टीके लगवा ले तो एक साल तक रक्षण मिलता है| 
  • गर्भ ठहर जाए तो सेहत का पूरा ख़याल रखे और विटामिन D, A, E और C युक्त आहार, याने की फल और सब्जी का पूरते प्रमाण से सेवन करे और विटामिन D के लिए थोड़ा समय सूर्य की किरण मे गुज़ारे| 
  • गर्भावस्था मे होने वाले हॉर्मोन के बदलाव और भ्रूण के विकास से रोग प्रतिकारक शक्ति कम हो जाती है इसीलिए सावधानी और स्वच्छता रखे| 
  • डॉक्टर के क्लिनिक मे जाए तो चेहरे पर मास्क और हाथो पर दस्ताने लगाए और वापस आने के बाद साबुन और डिसइंफेक्टेंट से हाथ धो ले| 
  • संक्रमित लोगो से दूर रहे और जाहिर जगह याने पब्लिक प्लेस मे ना जाए, बस और ट्रेन से मुसाफ़िरी ना करे| 

गर्भावस्था मे पहले लक्षण स्वाइन फ़्लू के - First symptoms of swine flu during pregnancy in hindi

  • स्वाइन फ़्लू इन प्रेगनेंसी गाइड्लाइन्स मे जानिए की स्वाइन फ़्लू का वाइरस शरीर मे दाखिल होने के बाद थोड़े दीनो मे पहले लक्षण प्रकट होते है जो सुस्ती, थकान और बदन में दर्द के रूप में प्रकट होते है| 
  • H1N1 वाइल प्रेग्नेंट पहले लक्षण में गले मे खराश, आँखो मे से पानी और नाक मे से पानी बहना भी हो सकता है| 
  • H1N1 प्रेगनेंसी फर्स्ट ट्रिमस्टर मे स्वाइन फ़्लू लग जाए और बुखार आए, दस्त हो जाए और ठंड लगे तो फ़ौरन यह पहले लक्षण को नज़र अंदाज़ ना करे और डॉक्टर से इलाज करवाए|

गर्भावस्था दौरान स्वाइन फ़्लू टीके के नुकसान - Swine flu vaccine side effects during pregnancy in hindi

  • गर्भावस्था मे कभी भी स्वाइन फ़्लू के टीके लगवा सकती है और इस के आड़ असर बहुत कम है| 
  • स्वाइन फ़्लू वैक्सीन इन प्रेगनेंसी साइड इफेक्ट्स मे जिस जगह पर टीके लगाए है वहाँ पर सूजन 2-3 दीनो तक रहेगी| 
  • स्वाइन फ़्लू वैक्सीन गर्भवती महिला मे और भी असर कर सकती है जैसे की सर में दर्द, शरीर मे दर्द, बुखार, उल्टी और बेहोशी| 
  • गहरे दुष्प्रभाव तब होते है जब किसी महिला मे खास एलर्जी होती है स्वाइन फ़्लू वैक्सीन मे रहे तत्वो से और यह त्वचा पर फोड़े पैदा करते है या तो साँस लेने मे दिक्कत हो जाती है| 

गर्भावस्था दौरान फ़्लू वैक्सीन का महत्व - Importance of flu vaccination during pregnancy in hindi

  • स्वाइन फ़्लू इन प्रेगनेंसी गाइड्लाइन्स में यह ज़रूरी है की गर्भवती को स्वाइन फ़्लू का टीका लगवाना चाहिए भले ही थोड़े दिन इसके दुष्प्रभाव अनुभव हो क्योंकि स्वाइन फ़्लू से खुद को और होने वाले बच्चे को नुकसान काफ़ी गहरा और महंगा साबित हो सकता है| 
  • स्वाइन फ़्लू के टीके लगवाए तो बुखार नहीं आएगा स्वाइन फ़्लू से रक्षण मिलने पर और बुखार ना होने पर भ्रूण सुरक्षित रहता है स्पाइना बिफिडा(spina bifida)  नामक हालत से जो ज्ञानतंतु पर असर करती है| 
  • स्वाइन फ़्लू टीके गर्भवस्था मे लगवाए तो बच्चे का मृत हालत मे जन्म लेना, प्रिमेच्यूर बर्थ(premature birth) होना और खुद को गंभीर समस्या से बचा सकती है| 
  • स्वाइन फ़्लू के टीके गर्भावस्था मे ना लगाए तो यह पूरा संभव है की जो बच्चा पैदा होगा उसमे कोई ना कोई खामी होगी| 
  • स्वाइन फ़्लू से संक्रमित हो जाए तो बच्चे मे ऑटिज़्म(autism) हो सकता है क्योंकि बुखार से ज्ञान तंतु और दिमाग़ पर असर होता है इसीलिए स्वाइन फ़्लू वैक्सीन प्रेगनेंसी ऑटिज़्म (autism)से सुरक्षा देता है| 

जाने गर्भावस्था मे स्वाइन फ़्लू टीके सुरक्षित है - Is it safe to take swine flu vaccine in pregnancy? 

  • गर्भावस्था दौरान कभी भी स्वाइन फ़्लू के टीके लगवा सकती है मगर शुरू मे लगवा लेना इच्छानिया है ताकि स्वाइन फ़्लू के गंभीर असर से खुद को और होने वाले बच्चे को संभाल के रखे| 
  • स्वाइन फ़्लू से कोई भी दुष्प्रभाव या हानि नहीं होती है माता को और होने वाले बच्चे को| 
  • स्वाइन फ़्लू वैक्सीन में पारद आधारित थिमेरोसाल (thimerosal) हो सकता है और ऐसे वैक्सीन ना लगवाए| 
  • स्वाइन फ़्लू वैक्सीन प्रेगनेंसी के दौरान लगाए तो सिर्फ़ स्वाइन फ़्लू ही नहीं, दूसरे इन्फ़्लुएन्ज़ा(influenza) वाइरस से भी रक्षण मिलता है| 
  • स्वाइन फ़्लू वैक्सीन नेसल स्प्रे(nasal spray) के ज़रिए दिया जाता है जिसका उपयोग गर्भवती महिलाए ना करे| 

कैन स्वाइन फ़्लू हार्म अनबॉर्न बेबी? इस का जवाब है नहीं| 

वैक्सीन ना मिलने तक गर्भवती महिला को स्वाइन फ़्लू से कैसे बचाए रखे - Until vaccine is available what is the best way for pregnant women to prevent swine flu in hindi? 

  • स्वाइन फ़्लू की महामारी चल रही है और स्वाइन फ़्लू वैक्सीन आसानी से उपलब्ध नहीं है और वेट लिस्ट है इसीलिए स्वाइन फ़्लू वैक्सीन मिलने तक खुद को संभाले रखे| 
  • चेहरे के और नाक को मास्क से ढक के रखे, हाथो पर दस्ताने पहने जब बाहर जाए और वापस आए तो डिसइंफेक्टेंट से हाथ धो ले और इस दौरान हाथो को चेहरे और आँखो पर ना लगाए| 
  • स्वाइन फ़्लू संक्रमित व्यक्ति और वातावरण से दूर रहे| 
  • खुद स्वच्छ रहे और आजू बाजू भी स्वच्छता बनाए रखे और सभी चीज़ो को डिसइंफेक्टेंट से सॉफ कर के रखे| 
  • डिस्पोजेबल टिश्यू (Disposable tissue) का उपयोग करे और तुरंत इसे कूड़े दान मे डाल दे|
  • पोष्टिक आहार ले जिसमे विटामिन D, C, E और A हो, साथ मे प्रोटीन भी अधिक मात्रा मे खाए|
  • 8 घंटे की नींद ले, एक्टिव भी रहे और धूप मे भी थोड़ी देर तक घूमे| 
  • बुखार या ज़ुखाम हो जाए तो खुद दवाई ना ले और चेकउप करवाए| 
  • तनाव से बच के रहे, लोगो से हाथ ना मिलाए और गले ना मिले और भीड़ भाड़ से दूर रहे| 

क्या गर्भवती महिला अपने पेट मे बच्चे को संक्रमित कर सकती है - Can pregnant woman pass swine flu to her baby in hindi?

  • जब तक भ्रूण गर्भाशय मे है तब तक उसको स्वाइन फ़्लू से संक्रमित होने की संभावना कम है मगर यह शक है की प्लेसेंटा(placenta) और खून के ज़रिए स्वाइन फ़्लू वाइरस भ्रूण तक पहुँच जाए| 
  • डिलीवरी के समय यह शक है की जन्म लेते हुए बच्चे को स्वाइन फ़्लू लग जाए इसीलिए डॉक्टर बहुत सावधानी से संक्रमित महिला की डिलीवरी करवाते है और माता अपने बच्चे को 48 घंटे तक छू नहीं सकती है जिस बीच उसको दवाई और ट्रीटमेंट दिया जाता है|
  • गर्भवती महिला स्वाइन फ़्लू का शिकार हो जाए तो भले भ्रूण को स्वाइन फ़्लू ना लगे पर माता पर होने वाले असर का प्रभाव बच्चे मे भी होता है इसीलिए हमेशा सावधानी रखे| 

स्वाइन फ़्लू से संक्रमित माता क्या स्तनपान करा सकती है - Can a new mom with swine flu breasteed her baby in hindi? 

  • स्वाइन फ़्लू इन प्रेगनेंसी गाइड्लाइन्स मे यह जानिए की अगर स्वाइन फ़्लू से संक्रमित महिला ने बच्चे को जन्म दिया है तो तुरंत स्तनपान ना करे अपने बच्चे को| 
  • डिलीवरी के पहले संक्रमित होने पर इलाज शुरू करे डिलीवरी के 2 दिन पहले से और डिलीवरी के बाद दूध को अलग से बोतल मे निकाल के बच्चे को पिलाए| 
  • कम से कम एक हफ्ते तक स्तनपान ना करवाना उचित होगा क्योंकि स्वाइन फ़्लू लक्षण समान होने पर भी शरीर मे स्वाइन फ़्लू का वाइरस रह जाता है| 

यह है गर्भावस्था दौरान गर्भवती महिलाओ के लिए मार्गदर्शन स्वाइन फ़्लू को कैसे संभाले और स्वाइन फ़्लू का असर प्रेगनेंसी के दौरान और स्वाइन फ़्लू वैक्सीन के बारे मे| स्वाइन फ़्लू ख़तरनाक हो सकता है और जीवन भर के लिए दुखी कर सकता है बच्चे को अगर माता ने ध्यान नहीं दिया तो जागृत हो के सही कदम उठाए स्वाइन फ़्लू से बचने के लिए|

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11 Comments

गौरव बिष्ट , Oct 21, 2017

गर्भवती महिलाएं किसी भी प्रकार के फ्लू-चाहे वो स्वाइन फ्लू हो या मौसमी फ्लू से होने वाली बीमारी और इसके फलस्वरूप हो सकने वाली मौत के खतरे में ज़्यादा रहती हैं।

दीक्षा पांडे , Oct 25, 2017

अगर आस पड़ोस में स्वाइन फ्लू की बीमारी फ़ैल रही है तो एक गर्भवती महिला द्वारा एंटी वायरल वैक्सीन लेना काफी आवश्यक है इससे उन्हें इस बीमारी से दो हफ़्तों में सुरक्षा (immunity) मिल जाएगी|

राहुल देव, Oct 27, 2017

स्वाइन फ्लू श्वसन तंत्र से जुड़ी बीमारी है जो ए टाइप के इनफ्लुएंजा वायरस से होती है स्वाइन फ्लू से बचने का सबसे अच्छा तरीका साफ सफाई है छींकते समय हमेशा अपनी नाक और मुंह कपड़े से ढक कर रखें छींकने के बाद अपने हाथ जरूर धोएं।

नुसरत अलीi , Oct 30, 2017

स्वाइन फ्लू का टीका अवश्य लगवाए जैसे ही टीका उपलब्ध हो क्योंकि एच-1-एन-1 संक्रमण से बचाव के लिए यह सबसे बढ़िया रास्ता है।

अनिशा, Nov 03, 2017

जैसे सर्दी-जुकाम या सीजनल फ्लू फैलता है. जब इस बीमारी से ग्रसित कोई रोगी खांसता या छींकता है तब वो अनजाने में इस बीमारी के वायरस हवा में छोटे-छोटे बूंदों के रूप में छोड़ देता है| 1.यदि आप इन बूंदों के टच में आ जाते हैं| 2.या उस चीज को छू देते हैं जिस पर ये बूंदें गिरी हैं जैसे कि दरवाजे की हैंडल, टेबल का सरफेस, एट्सेटरा. या 3.कोई ऐसी चीज छू देते हैं जिसे संक्रमित व्यक्ति ने जल्द ही छुआ है तो आपको ह1न1 स्वाइन फ़्लू हो सकता है

लवनीश कौल, Nov 06, 2017

जिनको ये बीमारी है वे इसके लक्षण दिखाई देने के एक दिन पहले से ही इसे स्प्रेड कर सकते हैं और बीमार पड़ने के 7 दिन बाद तक वे इसका फैलाव कर सकते हैं जबकि बच्चे 10 दिनों तक संक्रामक रह सकते हैं|

चाँदनी रस्तोगी, Dec 28, 2017

गर्भवती महिलाओं तथा उसके साथ रहने वाले अन्य लोगों को भी सुरक्षा के लिए स्वाइन फ्लू का टीका ले लेना चाहिए अगर इसका टीका उपलब्ध नहीं है तो स्वाइन फ्लू के फैलने की स्थिति में एक गर्भवती महिला को भीड़भाड़ वाली जगह से बचना चाहिए|

निहाल सिंग , Jan 02, 2018

खूब पानी पियें और पौष्टिक चीजें खाएं ताकि आपकी इम्युनिटी बढ़ सके इन चीजों को लें:- 1. प्याज, लहसुन, अदरक, 2. सिटरस फ्रूट्स:- जैसे संतरा, नीम्बू आदि का सेवन अधिक करें|

दिवेश ठाकुर, Jan 05, 2018

स्वाइन फ्लू वायरस से अफेक्टेड होने पर नोजल लाइनिंग्स में स्वेल्लिंग आ सकती है जिससे सांस लेने में दिक्कत होने लगती है अगर बुखार के साथ-साथ अचानक ही आपको सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही है तो आपको फ़ौरन सतर्क हो जाना चाहिए|

ज़ोया अख़तर, Jan 10, 2018

स्वाइन फ्लू का टीका अवश्य लगवाए जैसे ही टीका उपलब्ध हो क्योंकि एच-1-एन-1 संक्रमण से बचाव के लिए यह सबसे बढ़िया रास्ता है।

शीयाना अजमल, Jan 22, 2018

स्वाइन फ्लू होने पर आपको सर दर्द की शिकायत हो सकती है चूँकि सर्दी और सीजनल फ्लू के भी यही लक्षण होते हैं अतः बाकी लक्षणों को भी ध्यान से देखना चाहिए|

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